SIP क्या है ,SIP के फायदे ओर नुकसान

 SIP क्या है 

सिप (SIP) या सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान आपको हर महीने एक निश्चित रकम को आपकी पसंदीदा Mutual Fund स्कीम में डालने का अवसर देता है. यह आमतौर पर इक्विटी म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में शुरू किया जाता है.



SIP कैसे काम करता है?

SIP में आप हर महीने एक निश्चित राशि निवेश करके किसीं कंपनी के फंड में निवेश कर Units खरीदते जाते है, उदाहरण के तौर पर किसी कंपनी के फंड का NAV 10₹ है तों 1000₹ निवेश करके आप बदले में उस कंपनी की 100 यूनिट प्राप्त कर लेंगे।

 SIP आवर्ती निवेश की तरह काम करते हैं, जहां यह राशि आपके बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की जाती है और आपकी पसंद के म्यूचुअल फंड में निवेश की जाती है। एक बार राशि जमा हो जाने के बाद, आपको म्यूचुअल फंड योजना की एक निश्चित संख्या में इकाइयाँ मिलती हैं जहाँ आपने निवेश किया है। आपके द्वारा निवेश की गई इकाइयों की संख्या उस विशेष योजना के उस विशेष दिन के लिए शुद्ध संपत्ति मूल्य (एनएवी) पर निर्भर करती है। SIP आपको हर किश्त के साथ योजना की अतिरिक्त इकाइयाँ आवंटित करता है। जैसा कि योजना का एनएवी बदलता रहता है, उसी एसआईपी राशि से आप बाजार के ऊंचे होने पर कम यूनिट और बाजार के कम होने पर ज्यादा यूनिट खरीद सकते हैं। तो, एसआईपी एक आदर्श निवेश विकल्प क्यों है? SIP के कार्य को समझने के लिए दो अंतर्निहित प्रक्रियाएं हैं


SIP के फायदे 

अगर आप SIP के माध्यम से म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करते हो तो आपको बहुत सारे फायदे होंगे जो निम्न है -

  • आप एक छोटे अमाउंट से भी निवेश करना शुरू कर सकते हैं ।
  • निवेश करना बहुत ही आसान होता है इसमें आप अपना एक अकाउंट खोल कर तुरंत निवेश करना शुरू कर सकते हैं।
  • SIP में रिस्क बहुत कम होता है। आप जब लंबे समय के लिए निवेश करते हो तो आपका रिस्क या जोखिम अपने आप कम हो जाता है। 
  • टैक्स में छूट मिलती है । 
  • इससे आपको कंपाउंडिंग का लाभ मिलता है पावर आफ कंपाउंडिंग के थ्रू आपका पैसा वापस इन्वेस्ट होता है और वह बहुत जल्दी बढ़ता है । 
  • आप जब चाहे पैसा निकाल सकते हैं । 
  • इससे आप व्यवस्थित और अनुशासित तरीके से निवेश कर सकते हैं । 
  • महंगाई से निपटने में कारगर । 
  • लॉन्ग टाइम में पावर आफ कंपाउंडिंग से पैसे बहुत ज्यादा फायदा देते है।
  • रूपी कॉस्ट एवरेजिंग - गिरते हुए बाजार में ज्यादा यूनिट मिलने से बाद में ज्यादा फायदा हो जाता है। 
  • हर महीने निवेश करने से आपके /जेब पर एक साथ भार नहीं पड़ता। 
SIP के नुकसान जाने।

जैसा की आपको पता है की SIP एक वित्तीय प्रोडक्ट है। हर वित्तीय प्रोडक्ट के फायदे के साथ में कुछ जोखिम भी होते है। सिप से निवेश करने में निम्न जोखिम है। 
कम समय के लिए कम रिटर्न मिलता है अक्सर अगर हम छोटी अवधि के लिए SIP में निवेश करते हैं तो हमें अक्सर कम रिटर्न देखने को मिलता है ।
कभी-कभी मार्केट बहुत ज्यादा गिरने के कारण से ऐसे ही पैसा रिटर्न को थोड़ा कम हो सकता है।
अगर हम 1 साल से कम के समय में SIP से पैसे निकलते है तो कई फण्ड में एक परसेंट का एग्जिट चार्ज भी देना पड़ सकता है।
तो इस तरह से सिप के नुकसान या रिस्क कम है और फायदे ज्यादा है ।

SIP में invest कैसे करें।

म्यूचुअल फंड में 2 तरीके से निवेश किया जा सकता है पहला एक साथ में निवेश करना जिसको हम LUMP SUM कहते हैं । इसमें हम एक साथ में अपनी पूंजी को म्यूच्यूअल फंड में निवेश कर देते हैं । और फिर वह मार्केट में निवेश होकर धीरे-धीरे धीरे-धीरे बढ़ती रहती है । 

दूसरा तरीका SIP होता है । जिसमें हम हर महीने अपनी इनकम में से कुछ पैसे एसआईपी में डालते रहते हैं । इससे हमारे पास यूनिट्स बढ़ती रहती है और हमारा पैसा बहुत जल्दी ग्रो होने लग जाता है ।

SIP से पैसे म्यूचुअल फंड में निवेश करने का फायदा यह होता है कि हमारा पैसा बहुत जल्दी बढ़ने लग जाता है और हमें बहुत कम पैसे हर महीने देने पड़ते हैं। जिससे हमे ये इन्वेस्टमेंट भारी भी नही लगता है । 

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