फांसी देते समय जल्लाद कैदी के कान में क्या कहता है?
हेलो दोस्तों आज हम इस आर्टिकल में आप को फांसी के समय जल्लाद के बारे कुछ अनोखी बात बताये गे तो आप हमारे साथ बने रहिये जिस दिन फाँसी होती है उस दिन फाँसी घर में सभी काम इशारों में होते हैं, कोई कुछ बोलता नही है ।जल्लाद तैयारी पूरी होने के बाद जेल अधीक्षक को इशारा करता है और जैसे ही जेल अधीक्षक हाथ में पकड़े रुमाल से जल्लाद को इशारा करता है, जल्लाद तुरंत अपना काम कर देता है । 15 -20 मिनट बाद लाश उतार ली जाती है वहाँ मौजूद जेल का डॉक्टर मौत की पुष्टि करता है । कैदी को लाने और फाँसी देने की ये परिक्रिया 2 घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाती है, क्योकिं ट्रायल जल्लाद एक दिन पहले ही कर लेता है । फाँसी वाले दिन सुबह कैदी को जेल कोठरी से लाने से लेकर और फाँसी पर लटकाने तक कोई कुछ भी नहीं बोलता, सब बातचीत इशारों में ही होती है । माफी मांगना या अंतिम इच्छा पूछना जैसे काम जेल अधिकारी फाँसी देने से 1–2 दिन पहले ही निपटा लेते हैं । फाँसी की सज़ा अमल होने से २-४ दिनों पहले, जल्लाद को जेल आना पड़ता है। वहां, वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में उन्हें फाँसी का अभ्यास करना पड़ता है। इसमें उन्हें फंदे...