गुर्जर कौन सी जाति है? इतिहास में इसका क्या योगदान है?
हेलो दोस्तों आज हम गुजर जाती वह इस का इतिहास भी जाने गे और इनका इतिहास में क्या योगदान रहा है उस के बारे में भी बात भी करेगे तो आप हमारे साथ बने रहिये
गुजर जाती का अर्थ
संस्कृत के विद्वानों के अनुसार, गुर्जर शुद्ध संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ 'शत्रु का नाश करने वाला' अर्थात 'शत्रु विनाशक' होता है। प्राचीन महाकवि राजशेखर ने गुर्जर नरेश महिपाल को अपने महाकाव्य में दहाड़ता गुर्जर कह कर सम्बोधित किया है।
गुर्जर कौन सी जाति है
गुर्जर समाज, प्राचीन एवं प्रतिष्ठित समाज में से एक है। यह समुदाय जो पहले गोचर, गुज्जर, गूजर, गोजर, आजादी के बाद से गुर्जर, गूर्जर और वीर गुर्जर नाम से भी जाना जाता है। गुर्जर मुख्यत: उत्तर भारत, पाकिस्तान और अफ़्ग़ानिस्तान में बसे हैं। इस जाति का नाम अफ़्ग़ानिस्तान के राष्ट्रगान में भी आता है।
गुजर जाती सबसे ज्यादा खा पाई जाती है
गुजर जाती भारत में पाई जाती हे गुजरात और हरियाणा में अधिक है पाकिस्तान में भी पाई जाती हे
गुर्जर जाति की उत्पत्ति कहाँ से हुई?
प्राचीन इतिहास के जानकारों के अनुसार गूजर मध्य एशिया के कॉकेशस क्षेत्र ( अभी के आर्मेनिया और जॉर्जिया) से आए थे लेकिन इसी इलाक़े से आए आर्यों से अलग थे. कुछ इतिहासकार इन्हें हूणों का वंशज भी मानते हैं. भारत में आने के बाद कई वर्षों तक ये योद्धा रहे और छठी सदी के बाद ये सत्ता पर भी क़ाबिज़ होने लगे
गुर्जरों में सबसे बड़ा गोत्र किस का माना जाता है
आजादी के बाद गुर्जरों को अपराधी जाति से बाहर किया गया। गुर्जर ह्यूमन रिसोर्सेज मैनेजमेंट एंड सोशल सर्विस के सचिव एडवोकेट रणपाल अवाना के अनुसार जिले में 65 से 70 गोत्र के गुर्जर रहते हैं। इनमें भाटी और नागर गोत्र के गुर्जर सबसे अधिक हैं।
गुर्जर किस वंश के है?
गुर्जर अभिलेखो के हिसाब से ये सूर्यवंशी या रघुवंशी हैं। प्राचीन महाकवि राजशेखर ने गुर्जरों को 'रघुकुल-तिलक' तथा 'रघुग्रामिणी' कहा है। ७ वी से १० वी शतब्दी के गुर्जर शिलालेखो पर सुर्यदेव की कलाकृतियाँ भी इनके सुर्यवंशी होने की पुष्टि करती हैं
महाभारत में गुर्जर कौन थे?
महाभारत काल से पहले तथा महाभारत के समय गुर्जरो के चेची तथा कुषाण वंश के राजनैतिक स्तर पर शक्तिशाली होने के प्रमाण मिलते है। कुषाणों को ऋषिक,देवपुत्र तथा तुषार भी कहा जाता था। कुषाणों ने महाभारत के युध्द में भाग लिया था क्योंकि वे कुरूवंशियों के निकट संबंधी थे
भारत वह पाकिस्तान में गुर्जर की जनसख्या कितनी पाई जाती है
भारत में गुर्जरों की जनसख्या 2022 में 5 करोड़ से भी ज्यादा है और पाकिस्तान में 3 करोड़ पाई जाती है
Gurjar कितने प्रकार के होते हैं?
गूर्जर समाज, प्राचीन एवं प्रतिष्ठित समाज में से एक है। यह समुदाय गुज्जर, गूजर, गोजर, गुर्जर, गूर्जर और वीर गुर्जर नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू गुर्जरों के लगभग 85 गोत्र होते हैं। गूजर प्राचीन काल से ही वीर और पराक्रमी होते आए हैं।
गुर्जर जाति की कुलदेवी कौन सी है?
गूजर डेरीमाता और देवजी भैरवजी के उपासक हैं। इनके ताबीज (फूल) सोना व चाँदी में मँढ़वाकर गले में पहनते हैं
गुर्जर जाती का इतिहास
गुर्जर जाति का उल्लेख 5 वी शताब्दी से इतिहास के पन्नों व शिलालेखों में दर्ज है. इतिहास के अनुसार बताया जाता है कि प्राचीन समय में गुर्जर जाति के लोग युद्ध कला में निपुण थे. इतिहासकारों के अनुसार गुर्जर जाति युद्ध कला में इस कदर निपुण थे, कि उन्हें शूरवीर और योद्धा कहा जाता था. वे लोग किसी भी प्रकार के युद्ध को जीत में बदलने की काबिलियत रखते थे.
इसी काबिलियत के बल पर गुर्जर समुदाय ने पांचवी शताब्दी से बारहवीं शताब्दी तक पूरे भारतवर्ष पर राज किया था. उस समय भारत आज के भारत से क्षेत्रफल में काफी बड़ा था. माना जाता है कि गुर्जर प्रतिहार वंश ने 600 सालों तक अरब के इस्लामिक लड़ाकों को भारत में घुसने तक नहीं दिया था.
उस समय प्रतिहार वंश के राजा मिहिरभोज का वर्चस्व था. मिहिरभोज का साम्राज्य सम्राट अशोक से भी विशाल माना जाता है. 12 वीं सदी के बाद गुर्जर प्रतिहार वंश का पतन होना शुरू हो गया. जिसके बाद अरब के आक्रमणकारियों ने भारत में सेंध लगा ली और धीरे-धीरे भारत को लूटना शुरु कर दिया.
इसी काबिलियत के बल पर गुर्जर समुदाय ने पांचवी शताब्दी से बारहवीं शताब्दी तक पूरे भारतवर्ष पर राज किया था. उस समय भारत आज के भारत से क्षेत्रफल में काफी बड़ा था. माना जाता है कि गुर्जर प्रतिहार वंश ने 600 सालों तक अरब के इस्लामिक लड़ाकों को भारत में घुसने तक नहीं दिया था.
उस समय प्रतिहार वंश के राजा मिहिरभोज का वर्चस्व था. मिहिरभोज का साम्राज्य सम्राट अशोक से भी विशाल माना जाता है. 12 वीं सदी के बाद गुर्जर प्रतिहार वंश का पतन होना शुरू हो गया. जिसके बाद अरब के आक्रमणकारियों ने भारत में सेंध लगा ली और धीरे-धीरे भारत को लूटना शुरु कर दिया.
NOTE- दोस्तों आज हमने इस आर्टिकल में बहुत सी जानकारी जानी है आप को हमारा आर्टिकल अच्छा लगे तो हमे कॉमेट बॉक्स में जरूर बताये और हमसे कोई भी भूल हो गयी है तो हमे माफ़ जरूर करे
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